उस खत को मेरा शुक्रिया ..!


खत लिखना है मुझे

अपनी नादानियों

नासमझी बेवकूफियों का

जिन पर जमाना हमेशा से हँसता आया

उन  शर्तिया  पसंद - नापसंद उलाहनों  का 

बड़ी - बड़ी महत्वाकांक्षाओं का ठिकरा 

अपेक्षाओं  के  मकड़  जालों  का

उस खत में बात - बेबात 

सबकुछ  लिख  देना है

उस  खत को  कोई  नाराजगी  नहीं

उस  खत  को   मेरा  शुक्रिया   तहेदिल  से  

मुझे  सुनने - समझने  के  लिए  बेरोक-टोक 

अपने  जी  का  कहने  के  लिए...!


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