जीवन को आधार दे , जीवन को सँवार दे । निस्सार को सार दे , निराकार को तू साकार करे । समता का तू संवाद दे , भेदभाव के बंधन को तू तार दे। कटुता को तू मधुरता की पाग दे । वाद - वाद प्रतिवाद को तू , समन्वय का साथ दे ।
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