सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

संदेश

कृष्ण लेबल वाली पोस्ट दिखाई जा रही हैं

हृदय में विश्वास पल रहा है

हृदय में विश्वास पल रहा है

अस्थिर  होती  मति , अपना  परिचय  कहाँ  पायेगी ? क्षण - क्षण  बदलते  दृश्यों  में  जगत  का  सार  देख  पायेगी ? या  सत्य  की  तलाश  में  ,  बेखबर  बटोही   बनकर  रहना  होगा ? इतना  प्रबल  आवेग  है , हताशा  जब  घटा  घेर  रही  है