अपनी हँसी

एक प्याली  चाय और  तुम्हारी  हँसी

अपनी  हँसी  ...

सोती  जागती  भागती  जिंदगी

के  बीच   एक  स्त्री  की   हँसी 

वह  रिक्त  कोना  जहाँ   अक्सर  अपने

जिम्मेदारियों  का  बीहड़  उगाते  रहते  है

और  तुम उसे  बड़ी  सफाई कलात्मक 

रुचि के साथ  काँटती - छाँटती  बगिया  

बनाने में  पूरा दम  भर देती  हूँ  ।

टिप्पणियाँ

  1. आप सबका स्वागत और हृदय से धन्यवाद 🙏 प्रणाम सादर ।

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  2. चाय की प्याली और हँसी का जो जादू आपने दिखाया है, वो इतनी सहज और प्राकृतिक लगती है कि खुद को उसमें खोते हुए महसूस करता हूँ। जिंदगी की भागदौड़ और जिम्मेदारियों के बीच भी एक स्त्री की हँसी को इतनी खूबसूरती से बयां करना कमाल है।

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