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माँ के लिए


बड़े दिनों के बाद जेहन में बनके आज ये ख्याल आया है कि तेरी

मुस्कारहटों पे ये दिल कई बार निसार हो आया है 

तेरी बातों का हमेें ये एहसास हो आया है कि

तेरी मुस्कराहटों पे ये दिल कई बार निसार हो आया है 

राह की छाँवों बनके जो तुम यों ही साथ में साथ बन चल दी थी 

बिन कुछ कहे हर बात मेरी  जो तुम पढ़ गई थी 

तेरी आहटों का गीत अभी मेरे कानों में गूँजा है कि 

तुम फिर मेरे मुख पे मुस्कान बन छाई हो 

आँचल तेरा रोशन ये सितारों से सजा 

कि तेरा होना मेरे दिल की मुबारक दुआ  

मेरी  परेशानियों  को  जो भाँपले  

काँपते  हाथों  को  जो  थाम ले

वो  इक  तेरा  सहारा  और  प्यार  तुम्हारा  है

मैं अकेले  इस  जहाँ  में  आया हूँ

बड़े दिनों के बाद जेहान में बनके आज ये ख्याल आया है 

कि तेरी मुस्कराहटों पे  ये दिल कई बार निसार हो आया है ...।

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