हर मुसीबत अपने साथ एक प्रकाश का छिपा कोर लाती है
हताशा को हराकर देखना , रोशनी वही नजर आती है
मुकाम के पीछे भागती रहती है दुनिया , वहीं बस्ती अंधेरी
खामोशी में जीवन की कहानी के ऐसे - ऐसे किरदार निभाती है
वक्त से पहले जिम्मेदारियों का अहसास अगर कराती है ,
गलती करते है आप , वक्त रहते हमको ये हिम्मती बनाती है
हर घड़ी अपना वजूद लिखती अपने को जीती जिंदा कहानियाँ ये
मुसीबतों के सन्नाटों में कोई अपना रचा हुआ अभंग सुनाती है ।

सुंदर प्रेरणात्मक रचना
जवाब देंहटाएंहार्दिक स्वागत अनीता जी !
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